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इस योजना को शुरू कर प्रधानमंत्री मोदी ने महिला किसानों का किया सशक्तिकरण

इस योजना को शुरू कर प्रधानमंत्री मोदी ने महिला किसानों का किया सशक्तिकरण

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में ड्रोन दीदी योजना की शुरुआत की है। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों से वार्तालाप की।  किसानों के हित के लिए सरकार की तरफ से बहुत सारी योजनाएं जारी की जा रही हैं। साथ ही, कृषि क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी बड़े इसके लिए भी सरकार कार्य कर रही है। आज के विकसित भारत संकल्प यात्रा के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के लाभार्थियों से वार्तालाप की है। इसी दौरान प्रधानमंत्री महिला किसान ड्रोन केंद्र का शुभारंभ किया गया। ड्रोन दीदी योजना के अंतर्गत 1261 करोड़ रुपये के समकुल खर्च के साथ महिलाओं को 15 हजार ड्रोन बांटे जाएंगे।

पीएम मोदी प्राकृतिक एवं सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के नजरिए की नई आकांक्षा पैदा हुई है

पीएम मोदी का कहना है, कि सरकार की ओर से लोगों की जरूरतों को पहचानने एवं उन्हें उनके अधिकार प्रदान करने के प्राकृतिक न्याय-सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के नजरिए की नवीन आकांक्षा पैदा हुई है। इसके साथ ही करोड़ों लोगों के अंदर उपेक्षा की भावना समाप्त हुई है। पीएम का कहना है, कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर करने के लिए चल रहे अभियान को ड्रोन दीदी के माध्यम से ज्यादा मजबूती मिलेगी। इससे आमदनी के अतिरिक्त साधन उपलब्ध होंगे। इससे कृषकों को बेहद ही कम कीमत पर ड्रोन जैसी अत्याधुनिक तकनीक मिल सकेगी, जिसके सहयोग से समय के साथ-साथ दवा एवं उर्वरकों की भी बचत होगी।

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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने महिलाओं को ड्रोन उपलब्ध कराने को लेकर क्या कहा 

इसके साथ ही, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है, कि महिलाओं को 15 हजार ड्रोन उपलब्ध किए जाएंगे। दरअसल, इन ड्रोन दीदी के माध्यम से महिलाओं का सशक्तिकरण भी होगा और वह आत्मनिर्भर भी बनेंगी, रोजगार सृजन से उनकी आजीविका शानदार होगी। इसके साथ ही खेती में ड्रोन का उपयोग बढने से खेती भी काफी उन्नत बनेगी। स्वयं सहायता समूहों से संबंधित बहनों की क्षमता बढ़ाने एवं आजीविका को शानदार करने के लिए ड्रोन दीदी कार्यक्रम की कल्पना बेहद ही ज्यादा शानदार है। उन्होंने कहा है, कि पेस्टीसाइड, यूरिया और डीएपी का जब खेतों में छिड़काव होता है, तो शरीर पर इसका काफी दुष्प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त इस दौरान कहीं पर ज्यादा तो कहीं पर कम छिड़काव जैसा असंतुलन भी बना रहता है। हालाँकि, कि जब ड्रोन का उपयोग बढ़ेगा तो शरीर पर दुष्प्रभाव कम देखने को मिलेगा। वहीं, उर्वरक की खपत भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
ड्रोन दीदी कविता ड्रोन की सहायता से शानदार उत्पादन हासिल कर रही है

ड्रोन दीदी कविता ड्रोन की सहायता से शानदार उत्पादन हासिल कर रही है

कविता ने इफको द्वारा ड्रोन प्रशिक्षण लेकर नैनो उर्वरकों का फसलों पर छिड़काव किया, जिससे आज उन्हें शानदार आय प्राप्त हो रही है। सरकार की तरफ से डिजिटलीकरण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिसका प्रभाव कृषि क्षेत्र में भी काफी गति से बढ़ता दिख रहा है। कृषि के कार्यों में अब ड्रोन की सहायता ली जा रही है। इससे लोगों को बेहद सहूलियत मिल रही है। सरकार की तरफ से ड्रोन दीदी योजना भी चालू की गई है। योजना के अंतर्गत महिलाएं ड्रोन पायलट बनकर नारी सशक्तिकरण को प्रोत्साहन दे रही हैं। आज हम ऐसी ही एक ड्रोन दीदी की कहानी और ड्रोन दीदी बनने के सफर के बारे में बताऐंगे।

ड्रोन दीदी पायलट कविता कहाँ की मूल निवासी हैं  

आज हम आपको कहानी बताऐंगे, कि हरियाणा के रोहतक की मूल निवासी ड्रोन दीदी पायलट कविता की। कविता ने भारतीय किसान उर्वरक सहकारी  इफको के माध्यम से ड्रोन प्रशिक्षण लेकर नैनो उर्वरकों का फसलों पर छिड़काव किया है। इससे आज उन्हें काफी शानदार आय अर्जित हो रही है। साथ ही, वह दूसरी महिलाओं के लिए भी एक मिसाल बनकर सामने आई हैं। कविता पोस्ट ग्रेजुएट हैं, परंतु वह बेरोजगार थीं। उन्हें किसी जरिए से जानकारी मिली कि इफको ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग करा रहा है, जिसके पश्चात उन्होंने इफको में संपर्क किया और 15 दिन की ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग ली।

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15 दिन में किया 90 एकड़ में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव

प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत कविता को ड्रोन और ई-रिक्शा नि:शुल्क मुहैय्या कराए गए, जिससे वह नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का स्प्रे कर रही हैं। उन्होंने केवल 15 दिनों में 90 एकड़ में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव किया है। इनमें गन्ना, सरसों और गेहूं की फसल शामिल हैं। इसके माध्यम से उन्हें अच्छी-खासी आमदनी हो रही है। कविता बताती है, कि वह और उनका परिवार इसके माध्यम से मजबूत हुआ है, जिसके लिए वह इफको को धन्यवाद देती हैं।